शरद पुनो...। शरद पुनो...।
मैं तो जल की एक धारा था, मुझे नहीं था मालूम, किस तरह था मुझको बहना मैं तो जल की एक धारा था, मुझे नहीं था मालूम, किस तरह था मुझको बहना
इंसान को जब नींद नहीं आती तो वह टी वी देखता है , टहलता है, गाने सुनता है लेकिन कवि को जब नींद नहीं आ... इंसान को जब नींद नहीं आती तो वह टी वी देखता है , टहलता है, गाने सुनता है लेकिन क...
'वागर्थ' में प्रकाशित शरद कोकास की चर्चित कविता 'अनकही' जो कभी अमृता प्रीतम और जाने किस किस नाम से स... 'वागर्थ' में प्रकाशित शरद कोकास की चर्चित कविता 'अनकही' जो कभी अमृता प्रीतम और ज...
श्वेत परिधान में जो आज है सजा हुआ व्योम उर पर दीप सा जो जड़ा हुआ। श्वेत परिधान में जो आज है सजा हुआ व्योम उर पर दीप सा जो जड़ा हुआ।
आप हैं शांति का कानन धरा बंजर का कृन्दन है. आप हैं शांति का कानन धरा बंजर का कृन्दन है.